उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

मंगलवार, 30 दिसंबर 2008

मुझसे मिलने की...................

मुझसे मिलने की कभी फुर्सत निकालिए
कुछ लम्हे जिंदगी के मेरे नाम डालिए

जिंदगी चलती रहेगी काम कम होंगे नहीं
वक्त बीते जायेगा और हम होंगे नहीं
सिक्का समझ कर ना मेरी किस्मत उछालिये
मुझसे मिलने की........................................

एक दिन बिखर ही जाऊँगा गर होश न आया
प्रीत की अग्नि पे गर अंकुश ना लगवाया
दूध की मानिंद ना मुझको उबालिए
मुझसे मिलने...................................

तुम भी शम्मा की तरह जलते रहे हों
ख़ुद ही अपने आप को छलते रहे हों
टूट ना जाएँ 'स्वप्न' उनको संभालिये
मुझसे मिलने की...........................

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5 टिप्‍पणियां:

महेंद्र मिश्रा ने कहा…

नववर्ष की ढेरो शुभकामनाये और बधाइयाँ स्वीकार करे . आपके परिवार में सुख सम्रद्धि आये और आपका जीवन वैभवपूर्ण रहे . मंगल कामनाओ के साथ .धन्यवाद.

kal apse fon par baat karata hun.

"अर्श" ने कहा…

बहोत खूब लिखा है आपने ढेरो बधाई साथ में आपको और आपके पुरे परिवार को नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएँ!
साल के आखिरी ग़ज़ल पे आपकी दाद चाहूँगा अगर पसंद आए ...


अर्श

नीरज गोस्वामी ने कहा…

नव वर्ष की आप और आपके समस्त परिवार को शुभकामनाएं....
नीरज

विनय ने कहा…

बहुत सुन्दर काव्य, नववर्ष की बहुत-बहुत बधाई, नववर्ष आपके लिए कल्याणकारी हो।

Puneet Sahalot 'Ajeeb' ने कहा…

nav varsh ki haardik shubh kaamnayein...

bahut khoob likha hai aapne..
"जिंदगी चलती रहेगी काम कम होंगे नहीं
वक्त बीते जायेगा और हम होंगे नहीं
सिक्का समझ कर ना मेरी किस्मत उछालिये"

:)

Puneet Sahalot