कोई याद करता है दिल कह रहा है
कोई हम पे मरता है दिल कह रहा है
किसकी ये खुशबू फिजा में है शामिल
ये किसकी सदा कह रही मुझसे आ मिल
कोई आह भरता है दिल कह रहा है
कोई याद करता है ........................
ये हिचकी मुझे दे गई किसका सन्देश
निकट हूँ किसी के भले हूँ मैं परदेश
कोई दिल में बसता है दिल कह रहा है
कोई याद करता है ........................
जुबाँ पे ये किसके मेरा नाम आया
हवाओं के रस्ते ये पैगाम आया
वो शब भर तड़पता है दिल कह रहा है
कोई याद करता है ........................
स्वप्नों में किसके दिया मैं दिखाई
मुझे याद कर किसको निंदिया ना आई
नज़र से बरसता है दिल कह रहा है
कोई याद करता है ........................
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18 टिप्पणियाँ:
वाह... बढ़िया रचना.. साधुवाद स्वीकारें..
बहुत सुन्दर गीत बधाई
किसकी ये खुशबू फिजा में है शामिल
ये किसकी सदा कह रही मुझसे आ मिल
कोई आह भरता है दिल कह रहा है
waah ...........bahut hi sundar.
जुबाँ पे ये किसके मेरा नाम आया
हवाओं के रस्ते ये पैगाम आया
वो शब भर तड़पता है दिल कह रहा है
बहुत खूब.
दिल को छू लेने वाली रचना.. के लिए बधाई...
बढ़िया रचना साधुवाद...
ये हिचकी मुझे दे गई किसका सन्देश
निकट हूँ किसी के भले हूँ मैं परदेश...
कमाल की रचना ...... बहुत लाजवाब .........
ये हिचकी मुझे दे गई किसका सन्देश
निकट हूँ किसी के भले हूँ मैं परदेश
कोई दिल में बसता है दिल कह रहा है
प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति..धन्यवाद बढ़िया रचना..
किसकी ये खुशबू फिजा में है शामिल
ये किसकी सदा कह रही मुझसे आ मिल
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स्वप्नों में किसके दिया मैं दिखाई
मुझे याद कर किसको निंदिया ना आई
नज़र से बरसता है दिल कह रहा है
waah !bahut hi sundar prem geet likha hai.
ज़ुबा पे ये किसके मेरा नाम आया.......
बहु अच्छा गीत है.....बधाई !!!!
किसकी ये खुशबू फिजा में है शामिल
ये किसकी सदा कह रही मुझसे आ मिल
bahut hi shaandar panktiyaan ,ek umda rachna
खूबसूरत नज़्म के लिए बधाई ।
बहुत लाजवाब !!
बहुत सुंदर योगेश जी...
"ये हिचकी मुझे दे गई किसका सन्देश
निकट हूँ किसी के भले हूँ मैं परदेश"
बहुत सुंदर!
बधाई औऱ शुभकामनाएं स्वीकारें। मेरी कामना है कि
आपके ब्लाग की सौवीं वर्षगांठ मनायी जाये।
योगेश जी, आपके ब्लॉग ने जन्मदिन मनाया. बधाई. आपके चिंतन मुझे पसंद आते है. आलोक पुराणिक जैसा पडोसी हो तो प्रतिभा को और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. इसी तरह लिखते रहे. शुभकामनाये.
jai shri krishna ..............
bahut khub likte hai ap
bahut bahut abhar
योगेश जी, आपके ब्लॉग ने जन्मदिन मनाया. बधाई. आपके चिंतन मुझे पसंद आते है. आलोक पुराणिक जैसा पडोसी हो तो प्रतिभा को और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. इसी तरह लिखते रहे. शुभकामनाये.6 दिसंबर ....देखे...आपने कहा है घर से बाहर निकले. आपके घर गया था 6 दिसंबर को. आप ककी नज़र ही नहीं गयी तो मेहमान क्या करे...?
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