ना धन , ना सम्मान चाहिए
ना धन , ना सम्मान चाहिए
सिर्फ तुम्हारा ध्यान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
तुमसे ही पहचान चाहिए
निर्मल मन औ प्राण चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
भक्ति का वरदान चाहिए
सीधा, सच्चा , ज्ञान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
प्रेम सुधा रस पान चाहिए
मुरली की मृदु तान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
तुम को पा लूँ "आन" चाहिए
दिल में तू मेहमान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
"चाह ना हो" ईमान चाहिए
चौरासी से त्राण चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
*******************************
रचना की तिथि १५.०१.२०१०




11 टिप्पणियाँ:
भावपूर्ण गीत..बहुत बढ़िया लगा..
भक्ति का वरदान चाहिए
सीधा, सच्चा , ज्ञान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
प्रेम सुधा रस पान चाहिए
मुरली की मृदु तान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................
तुम को पा लूँ "आन" चाहिए
दिल में तू मेहमान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................bahut sundar ,hame bhi aesa aadhar chahiye .
प्रेम सुधा रस पान चाहिए
मुरली की मृदु तान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान.................
आज तो आनन्द आ गया!
भक्ति-रस का यह गीत सीधे दिल में उतर गाया!
भक्तिरससे परिपूर्ण कविता पसंद आयी.
"चाह ना हो" ईमान चाहिए
चौरासी से त्राण चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान
- वाह,
बहुत बढ़िया गीत!!
भक्ति का वरदान चाहिए
सीधा, सच्चा , ज्ञान चाहिए ...
बस प्रभु की इतनी कृपा हो जाए तो जीवन सार्थक है ...... बहुत अच्छा लिखा है .......
Yogesh Bhai,
bahut sundar sarahneey.
bhakti me doobi ek aur pyaree rachana ke liye badhai.
सुन्दर भावपूर्ण रचना प्रस्तुति ..आभार
यह गीत भी कान्हा के प्रति भक्ति और समर्पण भाव को बखूबी दर्शा रहा है.
बेहद खूबसूरत !
भक्ति रस में डूबे सुंदर और मधुर गीतों का आप का यह ब्लॉग शायद एक ही है.
भक्ति भाव के मौलिक गीतों का इतना सुंदर संकलन और कहीं अभी तक देखने को नहीं मिला.
शुभकामनाएँ.
बहुत ही खुबसूरत रचना
बहुत बहुत आभार ........
एक टिप्पणी भेजें