ना धन , ना सम्मान चाहिए

ना धन , ना सम्मान चाहिए


ना धन , ना सम्मान चाहिए
सिर्फ तुम्हारा ध्यान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................

तुमसे ही पहचान चाहिए
निर्मल मन औ प्राण चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................

भक्ति का वरदान चाहिए
सीधा, सच्चा , ज्ञान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................

प्रेम सुधा रस पान चाहिए
मुरली की मृदु तान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................


तुम को पा लूँ "आन" चाहिए
दिल में तू मेहमान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................

"चाह ना हो" ईमान चाहिए
चौरासी से त्राण चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................


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रचना की तिथि १५.०१.२०१०

11 टिप्पणियाँ:

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

भावपूर्ण गीत..बहुत बढ़िया लगा..

ज्योति सिंह ने कहा…

भक्ति का वरदान चाहिए
सीधा, सच्चा , ज्ञान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................

प्रेम सुधा रस पान चाहिए
मुरली की मृदु तान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................


तुम को पा लूँ "आन" चाहिए
दिल में तू मेहमान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान..................................bahut sundar ,hame bhi aesa aadhar chahiye .

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

प्रेम सुधा रस पान चाहिए
मुरली की मृदु तान चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान.................


आज तो आनन्द आ गया!
भक्ति-रस का यह गीत सीधे दिल में उतर गाया!

मिलिंद / Milind ने कहा…

भक्तिरससे परिपूर्ण कविता पसंद आयी.
"चाह ना हो" ईमान चाहिए
चौरासी से त्राण चाहिए
तेरे नाम गुणों को गाये
ऐसी मधुर जबान चाहिए
ना धन ना सम्मान

- वाह,

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया गीत!!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

भक्ति का वरदान चाहिए
सीधा, सच्चा , ज्ञान चाहिए ...

बस प्रभु की इतनी कृपा हो जाए तो जीवन सार्थक है ...... बहुत अच्छा लिखा है .......

Prem Farrukhabadi ने कहा…

Yogesh Bhai,

bahut sundar sarahneey.

गिरीश पंकज ने कहा…

bhakti me doobi ek aur pyaree rachana ke liye badhai.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

सुन्दर भावपूर्ण रचना प्रस्तुति ..आभार

अल्पना वर्मा ने कहा…

यह गीत भी कान्हा के प्रति भक्ति और समर्पण भाव को बखूबी दर्शा रहा है.
बेहद खूबसूरत !
भक्ति रस में डूबे सुंदर और मधुर गीतों का आप का यह ब्लॉग शायद एक ही है.
भक्ति भाव के मौलिक गीतों का इतना सुंदर संकलन और कहीं अभी तक देखने को नहीं मिला.
शुभकामनाएँ.

psingh ने कहा…

बहुत ही खुबसूरत रचना
बहुत बहुत आभार ........

 

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