राधिका
प्रेम की तुम पहचान राधिका
तुम हो मेरी प्राण राधिका
मैं हूँ तुम बिन, जैसे ह्रदय
धड़कन बिन निष्प्राण राधिका
प्रेम की तुम पहचान........................
अमर प्रीत का गान राधिका
कान्हा का सम्मान राधिका
वंशी के स्वर से भी प्रतिक्षण
निकल रही है तान "राधिका"
प्रेम की तुम पहचान........................
अनत गुणों की खान राधिका
बरसाने की जान राधिका
सुन्दरता में चंदा का भी
भंग कर रही मान राधिका
प्रेम की तुम पहचान........................
प्रीत की हैं धनवान राधिका
कान्हा की भगवान् राधिका
प्रीत की भिक्षा पाने को नित
कृष्ण कहें "दे दान" राधिका
प्रेम की तुम पहचान........................
योगी जन का ज्ञान राधिका
ऋषि मुनि का ध्यान राधिका
कृष्ण कहें मेरे भक्तों को
भक्ति का वरदान राधिका
प्रेम की तुम पहचान........................
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रचना की तिथि. २०.०१.२०१०




16 टिप्पणियाँ:
Radhika pe itni sundar rachana pahli baar padhi...geytabhi kitnee achhee hai ! Khair wo hamesha hee achhee hoti hai!
कान्हा की पहचान राधिका!
--
"सरस्वती माता का सबको वरदान मिले,
वासंती फूलों-सा सबका मन आज खिले!
खिलकर सब मुस्काएँ, सब सबके मन भाएँ!"
--
क्यों हम सब पूजा करते हैं, सरस्वती माता की?
लगी झूमने खेतों में, कोहरे में भोर हुई!
--
संपादक : सरस पायस
कान्हा की पहचान राधिका!
--
"सरस्वती माता का सबको वरदान मिले,
वासंती फूलों-सा सबका मन आज खिले!
खिलकर सब मुस्काएँ, सब सबके मन भाएँ!"
--
क्यों हम सब पूजा करते हैं, सरस्वती माता की?
लगी झूमने खेतों में, कोहरे में भोर हुई!
--
संपादक : सरस पायस
Bahut sundar geet hai!
बहुत सुंदर गीत !!
अति कोमल..अति सुन्दर!!
अमर प्रीत का गान राधिका
कान्हा का सम्मान राधिका
वंशी के स्वर से भी प्रतिक्षण
निकल रही है तान "राधिका"...
RAADHA KO BIMB MEIN RAKH KAR RACHI SUNDAR RACHNA HAI SWAPAN JI .... MOH GAYI MAN KO ....
bahut din baad hazir huaa hoon maafi chahataa hoon. rachanaa achchhee hai. sab par radha mate ki kripa banee rahe. vasant parv ki shubhkaamnaaon ke sath.
भई क्या केने क्या केने
भक्तरस की धार में स्नानकर
हम भी निर्मल हो गये जी!
अमर प्रीत का गान राधिका
कान्हा का सम्मान राधिका
वंशी के स्वर से भी प्रतिक्षण
निकल रही है तान "राधिका"...
adbhut varnan hai swapn ji .
अमर प्रीत का गान राधिका
कान्हा का सम्मान राधिका
वंशी के स्वर से भी प्रतिक्षण
निकल रही है तान "राधिका"
bahut sundar aur
prabhaavshali rachnaa . . .
swapn ji
radha ji ka khubsurat git
badhai swikaren
सुंदर.
योगेश जी
अमर प्रीत का गान राधिका
कान्हा का सम्मान राधिका
वंशी के स्वर से भी प्रतिक्षण
निकल रही है तान "राधिका"...
प्रेम के शाश्वत रूप को शब्दों में बेहतरीन ढंग से लिख दिया आपने तारीफ के लिए शब्द नहीं मिल रहे........साधुवाद...!
true picture of radha
jiske bina shyam aadha hai
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