चल चलें, होली कि टोली में मचाने को धमाल
रंग दे अपने रंग में, सबको, लगा, रंग-ओ-गुलाल
बीती बातें भूल जाएँ, क्यूँ करें उनपर मलाल
आ ,गले लग जा, ह्रदय पर ,प्यार के कुछ रंग डाल
होली के पवन पर्व पर आपको और आपके परिवार को शुभ कामनाएं.
प्रस्तुत है श्याम के रंग में रंगी ये भक्ति रचना.श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
( भक्ति रचना)
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
खो ना दूँ तुमको ,सताता भय सदा
भूल ना जाऊं , कहीं बांकी अदा
रूठ कर मुझसे, ना, मुंह को मोड़ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
भूल जाऊं या, भटक जाऊं कहीं
साथ मेरा छोड़, तुम देना नहीं
झट पकड़ना ,साथ मेरे दौड़ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
प्रार्थना है अब,यही मेरी प्रभु
याचना है अब ,यही मेरी प्रभु
मेरी विनती पर, करो अब गौर ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
छोड़ दी है जिंदगी, मझधार में
एक भरोसे श्याम, तेरे, प्यार में
तेरे बिन मेरा कोई, अब और ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
लाल, पीला, ना गुलाबी ना हरा
सांवला रंग मुझको, प्यारे भा गया
रंग, चढ़ता जिसपे, कोई और ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़नारंग डाला है मुझे, जिस रंग में
अब ना छूटेगा, किसी भी ढंग में
और हो गहरा,कमी मत छोड़ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़नाप्रीत का ये रंग, पावन है तेरा
रंग गया है मन का,ये आँगन मेरा
रिक्त रह पाए, ह्रदय कि कोर ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़नाआत्मा मैं हूँ, हो तुम परमात्मा
भेद क्यूँ? इसका करो, अब खात्मा
आत्मा परमात्मा ,से जोड़ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
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१६.०२.२०१०




18 टिप्पणियाँ:
आपको तथा आपके परिवार को होली की शुभकामनाएँ.nice
बहुत ही बढ़िया लगी पोस्ट , आपको होली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकानायें ।
चल चलें, होली कि टोली में मचाने को धमालरंग दे अपने रंग में, सबको, लगा, रंग-ओ-गुलालबीती बातें भूल जाएँ, क्यूँ करें उनपर मलाल आ ,गले लग जा, ह्रदय पर ,प्यार के कुछ रंग डाल
kitni sundar baat kahi hai aapne is pavan parv par ,aapko bhi is parv ki dhero badhaiyaan poore parivaar ke saath .
सुन्दर भक्ति रस की रचना
सुन्दर रचना!
ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
खुशी की हो बौछार,चलो हम होली खेलें.
आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.
-समीर लाल ’समीर’
रंग बिरंगे त्यौहार होली की रंगारंग शुभकामनाए
bahut sundar bhakti ras se paripoorna bhavbhini rachna.
holi ki hardik badhayi.
रंग लेकर के आई है तुम्हारे द्वार पर टोली
उमंगें ले हवाओं में खड़ी है सामने होली
निकलो बाहं फैलाये अंक में प्रीत को भर लो
हारने दिल खड़े है हम जीत को आज तुम वर लो
मधुर उल्लास की थिरकन में आके शामिल हो जाओ
लिए शुभ कामना आयी है देखो द्वार पर होली
swapn jee anusaran karne ke liye dhanyavad .
bhakti ras me doobi sunder rachna ishwar kare aap par ye shyamrang yun hi chhaya rahe.
रंग डाला है मुझे, जिस रंग में अब ना छूटेगा, किसी भी ढंग मेंऔर हो गहरा,कमी मत छोड़ना
प्रीत का बंधन, कभी ना तोडना
श्याम मेरा हाथ, मत ना छोड़ना
भक्ति भावना आपकी सहज और अप्रतिम है। निश्चित रूप से जो आप कहते हैं वह महसूस भी करते है। यह सादगी ही आपकी सत्ता है। बधाई और होली की अशेष शुभकामनाएं।
होली पर सुन्दर रचना..मन को भाया ये गीत...होली की शुभकामनायें !!
बहुत सुन्दर प्रस्तुति है.
होली के अवसर पर लिखा यह भक्ति भाव का गीत बहुत ही सुन्दर बना है.
हम भी ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि उसके रंग में भीगे रहें सदा.
आप का यह ब्लॉग अनूठा संकलन है कान्हा के भक्ति भाव के रस में डूबे गीतों का.
बहुत दिनो बाद ब्लाग पर आने के लिये क्षमा चाहती हूँ। आपकी भक्ति रस मे डूबी रचनायें बहुत ही सुन्दर होती हैं। इस रचना की एक एक पँक्ति दिल को छू गयी। धस्न्यवाद और शुभकामनायें
सुंदर अभिव्यक्ति...
aadarniya sir,holi ke pavan rango ki tarah ishwar bhakti me duubi aapki yah rachanaahut hi achchi aur aalag si lagi.
poonam
बहुत ही सुन्दर भजन
आभार.................................
अदभुत,बहत ही सुन्दर रचना ,
विकास पाण्डेय
www.विचारो का दर्पण.blogspot.com
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