उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

सोमवार, 1 फ़रवरी 2010

खुल गई है फिर पुरानी डायरी

खुल गई है फिर पुरानी डायरी



खुल गई है फिर, पुरानी डायरी
आ गई फिर याद, भूली शायरी

हो गए पीले सभी, पन्ने मगर
गंध अब तक भी, सुहानी आए री

फूल सूखे कह रहे, रोते हुए
याद ना दिल से पुरानी, जाए री

क्या कहें मुश्किल, हमें उसके सिवा
आज तक दूजा ,कोई ना भाए री

आज भी सुनकर, कहीं एक नाम वो
मन तुरत दिल से ,निकल कर धाए री

जो बनाया था कभी, उसके लिए
दिल वही भूला, तराना, गाए  री

आँख से जैसे, समंदर बह चला
तन तड़प कर, कह रहा है"हाय"री

"स्वप्न" शायद वो भी, तडपेगा यूँही
वो कहीं भी जाए, बेशक जाए री

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