उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

रविवार, 4 अक्तूबर 2009

कन्हैया को मैया बुलाय रही रे

लीजिये प्रस्तुत है "श्याम श्याम भजो" कैसेट से मेरा लिखा दूसरा भजन "कन्हैया को मैया बुलाय रही रे " इस पोस्ट के साथ इस भजन और पिछली १९.०५.२००९ की पोस्ट में प्रकाशित भजन "श्याम श्याम भजो" का ऑडियो /विडियो भी संलग्न/अटैच कर रहा हूँ. पढिये और सुनिए . और सुनकर बताइए आपको कैसे लगे दोनों भजन.

कन्हैया को मैया बुलाय रही रे
कन्हैया को मैया बुलाय रही रे
आजा तोहे माखन खिलाये देऊ रे ()

क्यूँ चोरी का माखन खाता -
गोपिन से मुझको सुनवाता -
चोर है तेरा कान्हा , क्यूँ दुनिया कहे
माखन से तुझको छकाये देऊ रे

कन्हैया को मैया बुलाय रही रे ..................

क्यूँ खोजे दूजे घर माखन-2
क्यूँ लगवाता खुद पर लांछन-2
घर में कितना भरा है रे माखन दही
माखन का पर्वत बने देऊ रे

कन्हैया को मैया..............................

जितना चाहे उतना खा ले-
माखन में मिश्री मिलवा ले -
राधा के घर तू जाता , क्यूँ रे बता
राधा को घर ही बुलाय देऊ रे

कन्हैया को मैया....................................http://www.youtube.com/watch?v=sF0qoNiDvmc

16 टिप्‍पणियां:

समयचक्र - महेंद्र मिश्र ने कहा…

कन्हैयाजी के बारे में अच्छे भजन

kshama ने कहा…

Kaash wo Mohan aur 'sabarmatee ka sant' Mohan, dono padharen...aapkee ye aradhna sun ke!

kshama ने कहा…

Aapke mukhprushth par ka parinda behad sundar hai...!

वन्दना ने कहा…

bahut hi badhiya bhajan hain.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

Vaah Swapan ji ..... mazaa aa gaya aapka bhajan padh kar .... sun to nahi paaye par bol jabardast hain ....

Babli ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

भक्ति-रस से सराबोर कर दिया है आपने।
बधाई!

"अर्श" ने कहा…

kal raat sun rahaa tha U-tube pe bhajan aapki likhi ... achhee lagi ... aap to bhajan samraat hote jaa rahe hai .bhav ka aisa samajsya bahut hi kam dekhne aur padhane ko miltaa hai ... dhero badhayee aur shubkamanaayen...


arsh

संजीव गौतम ने कहा…

पढा भी और सुना भी दोनों अद्भुत.

अल्पना वर्मा ने कहा…

Yogesh जी आप ने बहुत ही सुन्दर भजन likhe hain.
aur you tube par dono भजन Ruupa जी ki awaaz mein sune/dekhe.
kya kahun...mantr mugddh hun..sangeet बहुत achchha bana hai.
-Roopa ekant जी ko meri namste aur badhaayee kahiyega..
बहुत manmohak swar aur gayaki hai unki....dono bhakti geet pasand aaye.
abhaar.
[is bar header mein lagi Radha krishn ki tasveer bhi bahut hi achchee hai]

Vijay Kumar Sappatti ने कहा…

yogesh ji

namskar deri se aane ke liye maafi ..

krishn mere aradhya hai .. main kya kahun ki aapka likha bhajan , mujhe kitna accha aur sukad laga .. mujhe mail par ye poora bhajan bhijwaayiyenga pls ..

is post ke liye meri badhai sweekar kare..

dhanywad

vijay
www.poemofvijay.blogspot.com

Prem Farrukhabadi ने कहा…

bahut achchhi lagi apki rachna. Badhai!!

Mumukshh Ki Rachanain ने कहा…

बहुत प्यारा,
चुलबुला,
मनमोहक,
मन तारण,
वात्सल्य रस युक्त
कर्णप्रिय

बेहतरीन भज़न

हार्दिक बधाई.

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com

ज्योति सिंह ने कहा…

meera ki tarah aap bhi kanha ke rang me range huye nazar aate hai .satsang to yahi hai .ati sundar ,

सर्वत एम० ने कहा…

बाल गोपाल और माँ यशोदा के सम्वाद को भजन का अद्भुत रूप दे डाला आपने. मन तृप्त हो गया. बहुत दिनों बाद कृष्ण-भक्ति और माँ यशोदा की खीझ का रसपूर्ण वर्णन पढ़ने/सुनने को मिला. लेखनी की इस धार के लिए शुभकामनयें एवं धन्यवाद.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

bhakti ras mein naha kar mazaa a gaya swapan ji .....