उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

बुधवार, 30 दिसंबर 2009

सारी गोपियाँ कहें मोहे, सांवरो कन्हाई

लीजिये प्रस्तुत है "श्याम श्याम  भजो" कैसेट से एक और रचना.

सारी गोपियाँ कहें मोहे,सांवरो कन्हाई

सारी गोपियाँ कहें मोहे,सांवरो कन्हाई
सारी गोपियाँ कहें मोहे, सांवरो कन्हाई
मोहे तू ही बता दे ,मैं का करूँ माई (२)
सारी गोपियाँ कहें..............................

सांवरो कह के , मोहे खिझावें
माखन चोरी,नाम लगावें
मैंने तोडी नहीं मटकी, दही ना चुराई
सारी गोपियाँ कहें.................................


सांवरो मेरा, नाम रहेगा
कृष्णा मुझको ,कौन कहेगा
बेर बेर मैया मोहे, आवे है रुलाई
सारी गोपियाँ कहें................................

और कहें तो,छोड़ भी दूं मैं
सबसे नाता ,तोड़ भी दूं मैं
सांवरो कहे मोहे , मेरो दाऊ भाई
सारी गोपियाँ कहें................................


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14 टिप्‍पणियां:

परमजीत बाली ने कहा…

योगेश स्वप्न जी,बहुत ही सुन्दर भक्ति गीत है। बहुत बहुत बधाई।

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

सुन्दर रचना ! इसका पॉडकास्ट भी लगा देते तो बेहतर था । आभार ।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

आपकी यह रचना तो सूरदास और मीराबाई की याद दिला दी..बढ़िया रचना..बधाई!!!

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन!!!



मुझसे किसी ने पूछा
तुम सबको टिप्पणियाँ देते रहते हो,
तुम्हें क्या मिलता है..
मैंने हंस कर कहा:
देना लेना तो व्यापार है..
जो देकर कुछ न मांगे
वो ही तो प्यार हैं.


नव वर्ष की बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

गिरीश पंकज ने कहा…

bhakti-ras me doobi fir aapki prastuti parh kar aanand aaya. aaj ke daur me aisa bhakti-bodh durlabh hai. mujhe bhi ek bandh soojh raha hai.
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gaiyaa na charaaoon mai
khelan na jaoon
maiya jo kahe vahee
kar ke dikhaoon.
dekh le hogee teri jag me hansaai...
badhai....

मिलिंद / Milind ने कहा…

सुंदर रचना| नववर्ष की शुभकामनाऎँ|

psingh ने कहा…

स्वप्न जी बहुत खूब
बेहतरीन रचना बहुत बहुत आभार

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सुंदर गीत है ......... कान्हा की चुहुल गुदगुदा देती है दिल को .........
आपको और आपके पूरे परिवार को नये साल की बहुत बहुत शुभकामनाएँ ........

वन्दना ने कहा…

waah........bahut hi sundar bhavon se bhara bhakti geet.

nav varsh mangalmay ho.

समयचक्र ने कहा…

सुन्दर भक्ति गीत
नववर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनाये.

MUFLIS ने कहा…

aap sb ko
nav-varsh
2 0 1 0
kee
shubhkaamnaaeiN .

ड़ा.योगेन्द्र मणि कौशिक ने कहा…

बहुत अच्छी भक्ति रचना है ..

और कहें तो,छोड़ भी दूं मैं
सबसे नाता ,तोड़ भी दूं मैं
सांवरो कहे मोहे , मेरो दाऊ भाई

ज्योति सिंह ने कहा…

nav varsh ki asim aur anant shubhkaamnaaye aapko ,aapke blog par aakar prabhu ka aashirwaad liya ,sabse aage yahi hai hamare bhagyavidhata .ishwar ka gungaan hai sundar kaise nahi hoga ,uttam

Raghunath Prasad रघुनाथ प्रसाद ने कहा…

Naye sal ki anekanek shubhkamnayen