उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

रविवार, 11 जुलाई 2010

मुझे ले चलो

मुझे ले चलो

मुझे ले चलो राधा के पास
मेरा कहीं लागे ना जिया
बिन राधा के मैं हूँ उदास
मेरा कहीं लागे ना जिया

राधा से बिछुड़े बीते हैं साल कईईई.....
पल पल होती जाती उसकी याद नई
याद आता  है मधुबन का रास
मेरा कहीं...............................

राधा से कुछ मन की बातें करनी है
पनघट पर राधा कि गागर भरनी है
राधा राधा बोले हर साँस
मेरा कहीं..................................

रूठी राधा को मैं आज मनाऊंगा
गले लगा कर उसको धीर बंधाऊंगा
उससे प्रीत करूँगा कुछ खास
मेरा कहीं..........................



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भजन 

17 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

रचना परिवेश के अनुरूप ही है!
--
भक्ति रस में नहा गये हम तो!

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया.

girish pankaj ने कहा…

fir bahi bhakti ki dhara
mangal hi mangal ho pyara.
prabhu se lagan lagane vala,
bhakt kahaan duniyaa se hara...
badhai, bahut dino ke baad sakriy hone ke liye.

देवेश प्रताप ने कहा…

अति उत्तम ....

दिगम्बर नासवा ने कहा…

Prem aur bhakti ka saagar simit aaya hai aapke blog par ... bahut sundar rachna hai ..

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत सुन्दर भक्ति रस मे सराबोर । शुभकामनायें

अल्पना वर्मा ने कहा…

रूठी राधा को मनाने ,उससे मन की बात कहने को अधीर कान्हा के भावों को शब्द दिए हैं इस गीत में .बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति.
आप के लिखे भक्ति गीतों का यह अद्भुत ब्लॉग है आप का.

अल्पना वर्मा ने कहा…

-not to publish--ek sujhaav hai--
aap ne 'bloggerzoom' ka jo advert -side baar mein lagaya hai use kahin neeche laaga len...

[Us widget ke karan ...radha krishn kee tasveer ke ek dam neeche english lady ka chitr laga hua dikh raha hai...]
Thanks..regards,alpana

Vinay Prajapati 'Nazar' ने कहा…

sundar rachana

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

खूबसूरत रचना...ज्यादातर लोग राधा या गोपियों की विरह वेदना लिखते हैं...आपकी रचना कृष्ण की वेदना ले कर आई है...

kumar zahid ने कहा…

राधा से बिछुड़े बीते हैं साल कईईई.....
पल पल होती जाती उसकी याद नई
याद आता है मधुबन का रास
मेरा कहीं...............................

राधे राधे योगेश भाई !

तभी बिहारी ने भी कहा था :--

मेरी भव बाधा हरो राधा नागर...

और आप तो हमें भूल ही गए...राधा जी कृपा करें तो पधारे
राधे राधे!!


Read more: http://swapnyogesh.blogspot.com/2010/07/blog-post.html#ixzz0toiTXWI7

बेनामी ने कहा…

सुन्दर ।

Dream ने कहा…

bahot maja aaya....

kshama ने कहा…

"Bikhare Sitare"pe aapkee shukriya adaygee kee hai...zaroor gaur karen!

hem pandey ने कहा…

राधे !राधे ! कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनायें |

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

आपको और आपके परिवार को एक सुन्दर, शांतिमय और सुरक्षित दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें !

BrijmohanShrivastava ने कहा…

आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ