उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

रविवार, 28 दिसंबर 2008

एक नाम

ताउम्र मेरे ज़हन में आता रहा एक नाम
हर नज़्म हर एक गीत में गाता रहा एक नाम

दे दे के सदा मुझको बुलाता रहा एक नाम
पीड़ा से मुझको अपनी रुलाता रहा एक नाम

आंसुओं से देख लो ये भर गया दामन
खैरात खुले हाथ लुटाता रहा एक नाम

मजबूरियां थीं कोई जाना पड़ा विदेश
राधा-सा , फिर भी साथ निभाता रहा एक नाम
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4 टिप्‍पणियां:

विनय ने कहा…

हर नज़्म हर एक गीत में गाता रहा एक नाम
बहुत अच्छी सोच!

महेंद्र मिश्रा ने कहा…

राधा-सा , फिर भी साथ निभाता रहा एक नाम ...
बहुत सुंदर बिंदास परिकल्पना है लिखते रहिये पर वर्ड वेरिफिकेशन हटाने का कष्ट करे श्रीमान जी फारमूला मैंने आपको भेजा था पर अपने कोई विचार नही किया . वर्ड वेरिफिकेशन होने से लोग टीप देने में परहेज करते है और देख कर आगे बढ़ जाते है कृपया इसे कतई न ले.

mehek ने कहा…

kya baat hai bahut sundar gazal khas kar aakharisher waah waah,radha sa saath nibhata raha.....atisundar

pintu ने कहा…

kya bat hai ankal.bahut sudar gajal hai!