उपरोक्त शीर्षक चित्र श्री श्री राधा श्याम सुंदर , इस्कान मंदिर वृन्दावन, तिथि 15.04.2010 के दर्शन (vrindavan darshan से साभार ).

बुधवार, 14 जनवरी 2009

मैंने जितना.....................

मैंने जितना तुम्हें मनाया है
उतने तुम रूठ -रूठ गए

फ़िर भी हर बार मैंने कोशिश की
दिल के सब स्वप्न टूट-टूट गए

तुम ना आए, ना तुम को आना था
वादा करके क्यूँ झूठ -मूठ गए

एक दिल का गुरूर था हमको
वो भी तुम लूट-लूट गए

इश्क का एक रिश्ता कायम है
बाकी नाते तो टूट-फूट गए

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1 टिप्पणी:

विनय ने कहा…

मकर संक्रान्ति की शुभकामनाएँ
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